Attitude kya hota hai - एटीट्यूड क्या होता है और उसके प्रकार

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Attitude

Attitude kya hota hai 


Attitude ( एटीट्यूड ) एक ऐसा शब्द जिसे आमतौर पर बहुत से लोग सिर्फ नकारात्मक अंदाज या घमण्ड के रूप में समझते हैं, उदाहरण के लिए अगर कोई व्यक्ति सिर्फ अपने काम से मतलब रखता है या कम बोलना पसंद करता करता है तो ऐसे में उसे एटीट्यूड की संज्ञा दे दी जाती है, जो कि सही नहीं है और साथ ही एटीट्यूड को परिभाषित करने का ये तरीका भी बिल्कुल गलत है । 

तो क्या है Attitude ?

Attitude इंसान के व्यक्तित्व ( Personality ) का आइना होता है । ये दर्शाता है व्यक्ति की सोच, उसके नजरिये और शारीरिक भाषा ( Body Language ) को । ये मानवीय व्यवहार का एक ऐसा अंग है जो व्यक्ति की मनोवृति, उसके द्रष्टिकोण और सोचने समझने के तरीके से मिलकर बनता है।

सरल शब्दों में कहा जाये तो किसी व्यक्ति के बर्ताव करने का तरीका और किसी बात पर उसके द्वारा दी गयी प्रतिक्रिया को ही अंग्रेजी में Attitude  (एटीट्यूड) और हिंदी में रवैया कहते हैं । इसीलिए एटीट्यूड को सिर्फ नकरात्मकता से जोड़कर नहीं देखना चाहिए ।

कितने प्रकार का होता है Attitude?

मनोविज्ञान के अनुसार से इसे 4 भागों में बाँटा गया है: 

  • सकारात्मक या Positive Attitude 
  • नकारात्मक या Negative Attitude 
  • उदासीन या Neutral Attitude 
  • Sikken Attitude

लेकिन आज मैं यहां व्यक्ति के स्वभाव और अच्छे बुरे के आधार पर बाँटे गए 2 मुख्य Attitude Types : Positive और Negative एटीट्यूड के बारे में बात करूंगी, लेकिन सबसे पहले गौर फरमाइए नीचे दिए गए एक संक्षेपित चित्रण पर जिसके माध्यम से आसानी से इन दोनों Attitudes के बीच के अंतर को समझा जा सकता है । 

Attitude Ke Prakar, Attitude Types
Attitude Ke Prakar

 

आइये अब इनके बारे में विस्तारपूर्वक जानते हैं :-

1. Positive Attitude 

 Positive Attitude का अर्थ होता है कि हम कितनी सकारात्मकता से अपने जीवन को देखते हैं । पॉजिटिव एटीट्यूड वाले व्यक्ति की सबसे बड़ी पहचान होती है उसका नजरिया । ऐसे व्यक्ति बुरी से बुरी परिस्थिति में भी कुछ न कुछ अच्छाई खोज लेते हैं । ये जीवन में आने वाली किसी भी तरह की परेशानियों की न तो परवाह करते हैं और न ही उनसे घबराते हैं ।  

दृढ़ निश्चय ( Determination ), खुशी ( Happiness ), निष्ठा या ईमानदारी ( Sincerity ) और विश्वास ( Confidence ) ये चार सूत्र ही मुख्य तौर पर सकारात्मक दृष्टिकोण या मानसिकता के लिए जिम्मेदार होते हैं । मतलब कि ऐसे लोग जो अधिक से अधिक अच्छे के बारें में सोचते हों चाहे परिस्थितियाँ कैसी भी हों, जो बिना किसी स्वार्थ के हर व्यक्ति के साथ अच्छे से पेश आएं, जिनका दिखावा रहित एक स्पष्ट नजरिया हो और जिन्हें  खुद पर विश्वास हो वो सब पॉजिटिव एटीट्यूड की श्रेणी में आते हैं । 

 पॉजिटिव एटीट्यूड वाले व्यक्ति अपनी गलतियों से शर्मिंदा नहीं होते बल्कि निरंतर प्रयास करते हैं उन्हें न दोहराने का, और साथ ही वे उन गलतियों से हर पल कुछ न कुछ सीखते हैं । 

पॉजिटिव एटीट्यूड से आप दूसरों पर अपना प्रभाव अच्छा छोड़ सकते हैं और अगर आप एक टीम वर्क में हैं तो आप अपनी टीम को आसानी से और बहुत अच्छे तरीके से मैनेज कर पाएंगे जिससे आपकी टीम के लोग भी आपके पॉजिटिव एटीट्यूड से उत्साहित होकर आपका पूरी तरह सहयोग करेंगे । 

व्यक्ति की मानसिकता का प्रभाव उसके स्वास्थ्य पर भी पड़ता है, तो ऐसे में एटीट्यूड को पॉजिटिव रखना आपकी हेल्थ और आत्मविश्वास दोनों के लिए काफी फायदेमंद हो सकता है क्योंकि जब इंसान शारीरिक रूप से स्वस्थ होता है तो वो अपने आप को ज्यादा कॉन्फिडेंट महसूस करता है और इसका असर उसके चेहरे पर साफ देखा जा सकता है । सकारात्मक एटीट्यूड वाले व्यक्ति को हर जगह सम्मान की दृष्टि से देखा जाता है, ऐसे लोगों को सभी पसंद करते हैं। 

2. Negative Attitude

Negative Attitude का अर्थ होता है जीवन में हर चीज को नकारात्मक या गलत दृष्टिकोण से देखना । नेगेटिव एटीट्यूड की सबसे बड़ी पहचान है व्यक्ति में बेवजह का अंहकार । ऐसे लोग हर वक्त सिर्फ खुद को सही साबित करने में लगे रहते हैं जिसकी वजह से वो कभी भी दूसरों की राय का सम्मान नहीं कर पाते परिणामस्वरूप अधिकांश लोग उनसे दूरी बना लेते हैं । 

नेगेटिव एटीट्यूड वाले लोगों पर चिड़चिड़ापन इस कदर प्रभावी रहता है कि उन्हें अपने आस पास हर समय सिर्फ दुःख और निराशा ही दिखाई देती है । अतीत की कुछ बुरी यादें हमेशा इनके वर्तमान पर हावी रहती हैं और इसका परिणाम ये होता है कि ये जिंदगी में कभी भी अपने लक्ष्य को प्राप्त नहीं कर पाते ।  

जीवन में सफलता हासिल करने के लिए संघर्ष करना पड़ता है और नेगेटिव एटीट्यूड के साथ न ही परिश्रम किया जा सकता और सफलता प्राप्त करना तो फिर कठिन है ही । इस तरह के लोगों में या तो आत्मविश्वास होता ही नहीं या फिर अति आत्मविश्वास होता है और ये दोनों ही एक सफल और खुशमिजाज जिन्दगी जीने के लिए निषेध हैं । 

अगर लकड़ी में दीमक लग जाये तो वो उसे धीरे धीरे नष्ट कर देती है । उसी तरह नकारात्मक एटीट्यूड भी व्यक्ति को धीरे धीरे बर्बाद करके पतन की ओर ले जाता है । यह एक श्राप की तरह होता है जो दिन प्रतिदिन इंसान के इर्द - गिर्द क्रोध, निराशा, चिड़चिड़ाहट और विकृत नजरिये का एक ऐसा दायरा बना देता है जिसमें से व्यक्ति फिर कभी बाहर नहीं आ पाता है । 

सारांश रूप में बस इतना कहना चाहूँगी कि नजरिये को भी एक जरिये की जरूरत होती है और वो जरिया होता है आपकी सोच कहने का मतलब है कि एटीट्यूड का अपना कोई अस्तित्व नहीं होता सिर्फ व्यक्ति की सोच उसे पॉजिटिव या नेगेटिव का रूप देती है, तो इसलिए हर संभव प्रयास करें अपने Attitude को पॉजिटिव रखने का क्योंकि जीवन का हर दिन अच्छा नहीं होता लेकिन बुरा दिन पॉजिटिव एटीट्यूड के साथ अच्छा बनाया जा सकता है । 

अगर आप अपने जीवन में पॉजिटिव एटीट्यूड अपना लें और अपने दिमाग को पूरी तरह सकारात्मक ऊर्जा से भर दें तो आप अपने लिए एक बहुत बेहतर और सफल जिंदगी की रचना कर सकते हैं ।

Attitude is very important in human life, But how it will be depends on your thinking -  एटीट्यूड इंसान के जीवन में बहुत ही जरूरी है, लेकिन वो कैसा होगा ये आपकी सोच पर निर्भर करता है।

Attitude क्या होता है और उसके प्रकार, आशा करती हूँ इसकी जानकारी आपको इस लेख के माध्यम से मिल गयी होगी, लेकिन फिर भी कोई गलती हुई हो तो माफी चाहती हूँ । अगर आपको ये पोस्ट अच्छी एवम उपयोगी लगी तो कमेन्ट करके जरूर बताएं आपकी राय हमारे लिए सर्वोपरि है धन्यवाद.......